कांग्रेस जनहित के काम करती है तो प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के नाते भाजपा सहयोग करेगी, नहीं होने पर विरोध : शिवराज

शिरडी। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह ‘‘जोड़ तोड़’’ की राजनीति में भरोसा नहीं रखते हैं। शिवराज ने  अपने परिवार के सदस्यों के साथ यहां साईं बाबा के मंदिर में दर्शन किये। एक सवाल के जवाब में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा है। शिवराज ने कहा, ‘‘हाल ही में हुए चुनावों में कांग्रेस स्पष्ट बहुमत पाने में विफल रही है जबकि भाजपा को पहले से अधिक मत मिले हैं। मैं ‘जोड़ तोड़’ अथवा ‘घटिया’ राजनीति में विश्वास नहीं रखता हूं। सबसे अधिक विधायक वाली पार्टी (सबसे बड़ी पार्टी) को सरकार चलाने का अधिकार होना चाहिए।’’ अगर कांग्रेस सरकार जनहित के काम करती है तो प्रमुख विपक्षी पार्टी होने के नाते भाजपा सहयोग करेगी लेकिन ऐसा नहीं होने पर पार्टी विरोध करेगी।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रदेश में किसानों की कर्जमाफी के ऐलान बारे में पूछे जाने पर चौहान ने कहा कि केवल कर्ज माफ कर देना किसानों की मदद के लिए पर्याप्त नहीं है। मध्य प्रदेश में बहुत कम अंतर से हारने वाली भाजपा के नेता से जब यह पूछा गया कि क्या वह दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे तो इस पर उन्होंने विरोधाभासी बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पार्टी एक ईमानदार कार्यकर्ता हूं। पार्टी मुझे जो कहेगी मैं करूंगा। लेकिन मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि मैं मध्य प्रदेश के 7.5 करोड़ जनता से जुड़ा हूं।’’ यह पूछने पर सात जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र में उनका क्या रूख होगा, पूर्व मुख्यमंत्री ने हलके अंदाज में कहा, ‘‘मैं सात जनवरी को कोई ‘शिव तांडव’ नहीं करूंगा।’’

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