आखिरकार सीएम नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी

पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह रेप केस में आखिरकार सीएम नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मुजफ्फरपुर के इस जघन्य कांड में आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने नीतीश सरकार को घेर रखा है। नीतीश कुमार पर लगातार इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है। विपक्षी दलों ने नीतीश की चुप्पी पर बार-बार सवाल उठाए जिसका नतीजा शुक्रवार को बिहार सीएम के बयान के रूप में सामने आया है।
नीतीश कुमार ने कहा है कि मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गए। नीतीश ने कहा, ‘सीबीआई जांच कर रही है। हाई कोर्ट इसकी मॉनिटरिंग करे।’ बिहार सीएम ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में किसी के साथ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसे कड़ी सजा मिलेगी।’

आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने इस मामले पर राजनीतिक लड़ाई तेज कर रखी है। तेजस्वी यादव शनिवार को जंतर-मंतर पर धरना देने जा रहे हैं। तेजस्वी ने इस धरने में दूसरे लोगों से भी शामिल होने की अपील की है। ऐसा माना जा रहा है कि इस धरने में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी समेत दूसरी विपक्षी पार्टियां भी शामिल हो सकती हैं।

मुजफ्फरपुर में बेसहारा लड़कियों के लिए बने आश्रय गृह में 34 नाबालिग लड़कियों का रेप किया गया है। इसमें तीन बच्चियों की मौत की बात भी कही जा रही है। इस बालिका गृह का संचालन ब्रजेश ठाकुर का एनजीओ करता है। ठाकुर एक छोटा सा अखबार ‘प्रात:कमल’ चलाता है। इस घटना के बाद विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए है।

उधर, सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के आश्रय गृह में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं की तस्वीरों व विडियो प्रसारित करने पर रोक लगा दिया है। जस्टिस मदन बी.लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने एक शख्स द्वारा अदालत को पत्र लिखने के बाद इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, बिहार सरकार से जवाब मांगा है। मुजफ्फरपुर शेल्टर होल मामले की मुख्य आरोपियों में से एक मधु कुमारी अभी भी फरार है। बताया जा रहा है कि मधु के पास ब्रजेश ठाकुर के बारे में कई जानकारियां हो सकती हैं। बता दें कि कुछ समय पहले जिला अधिकारी अनुपम कुमार ने एक अवॉर्ड के लिए मधु का नाम राज्य सरकार को भेजा था।

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